History by Rathore SirKuldeep Singh Rathore, PGT History

Old NCERT मध्यकालीन भारत (मीनाक्षी जैन) अध्याय 2: चक्रवर्तित्व के लिए संघर्ष – प्रतिहार, पाल, राष्ट्रकूट | Notes + MCQ

Old NCERT मध्यकालीन भारत (मीनाक्षी जैन), कक्षा 11: अध्याय 2

चक्रवर्तित्व के लिए संघर्ष: गुर्जर प्रतिहार, पाल और राष्ट्रकूट का त्रिपक्षीय संघर्ष। UPSC, RPSC, NET, TGT/PGT के लिए notes और 22 MCQ, हिंदी और English में।

त्रिपक्षीय संघर्ष: एक नज़र में

हर्ष की मृत्यु के बाद उत्तर भारत में तीन शक्तियों के बीच "चक्रवर्ती" बनने का लंबा संघर्ष चला, जिसका केंद्र था कन्नौज।

गुर्जर प्रतिहारअरब नाम: अल-जुर्ज़
केंद्र: भीलमाल → कन्नौज
पश्चिम और उत्तर भारत
पालअरब नाम: "धर्म का राज्य"
केंद्र: बंगाल-बिहार
पूर्वी भारत
राष्ट्रकूटअरब नाम: बल्लहारा
राजधानी: मान्यखेत (मनकिर)
दक्कन

1. गुर्जर प्रतिहार

  • अरब इन्हें अल-जुर्ज़ कहते थे। सातवीं सदी में पहली बार प्रमुखता मिली।
  • परंपरा: माउंट आबू में अग्नि अनुष्ठान से कुछ कुलों को हमलावरों से लड़ने की ज़िम्मेदारी मिली; गुर्जर प्रतिहार अग्निकुल राजपूतों में गिने गए।
  • शासन की शुरुआत भीलमाल (माउंट आबू के पास) से, बाद में कन्नौज राजधानी। अरबों के निरंतर विरोधी।
  • अरब यात्री मसूदी (10वीं सदी): कन्नौज के राजा की चारों दिशाओं में चार सेनाएँ; उत्तर की सेना मुल्तान के मुसलमान शासक से, दक्षिण की सेना बल्लहारा (राष्ट्रकूट) से लड़ती थी।
शासकमुख्य बातें
नागभट्ट प्रथम (लगभग 756 ई. तक)राजस्थान, मालवा और गुजरात के हिस्सों तक राज्य
वत्सराजबंगाल के राजा (गोपाल या धर्मपाल) को हराया; फिर राष्ट्रकूट ध्रुव से हार, यहीं से त्रिकोणीय संघर्ष शुरू
नागभट्ट द्वितीयप्रतिहारों का पुनर्जीवन; कन्नौज पर हमला, धर्मपाल को हराया; पर राष्ट्रकूट गोविंद तृतीय से हारा
भोज (836 ई. से)पंजाब, काठियावाड़ से कोशल और कन्नौज तक; कल्चुरि और चंदेलों ने प्रभुसत्ता मानी; विष्णु भक्त, उपाधि "आदि वराह"
महेंद्रपाल (885–910 ई.)मगध और उत्तरी बंगाल जोड़े; साम्राज्य हिमालय से विंध्य तक

कमज़ोर उत्तराधिकारियों के समय राष्ट्रकूटों ने फिर कन्नौज पर हमला किया और साम्राज्य के अवशेषों पर नए राज्य उठ खड़े हुए।

2. पाल

  • अरब पाल राज्य को धर्मपाल (780–815 ई.) के नाम पर "धर्म का राज्य" कहते थे।
  • प्रतिहार और राष्ट्रकूटों से हार के बावजूद धर्मपाल का साम्राज्य बंगाल, बिहार, उड़ीसा का बड़ा भाग, नेपाल, असम और कन्नौज के कुछ हिस्सों तक था। जानकारी: खालिमपुर ताम्रपत्र।
  • धर्मपाल ने कन्नौज के सिंहासन पर अपने मनोनीत व्यक्ति को बैठाया, भव्य सभा की और स्वयं को उत्तर भारत का सम्राट घोषित किया। उसके द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय जल्द ही नालंदा का प्रतिद्वंद्वी बना।
  • देवपाल (815–855 ई.): पाल वर्चस्व बना रहा।
  • व्यापार: दक्षिण-पूर्व एशिया से संबंध; वस्त्र, मृदभांड और संभवतः चावल का निर्यात।
  • कला और साहित्य: शिल्पकला की नई शैली; गौड़ी रीति साहित्यिक शैली; तालाब और नहरें।
  • धर्म: बौद्ध धर्म के सच्चे अनुयायी, पर ब्राह्मणों और मंदिरों को भी दान। जावा-सुमात्रा के एक राजा ने नालंदा में विदेशी छात्रों के महाविहार के लिए सहायता माँगी। दीपंकर प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु; विक्रमशिला ने तिब्बती भिक्षुओं को आकर्षित किया। महायान बौद्ध धर्म और पाल कला शैली तिब्बत और दक्षिण-पूर्व एशिया पहुँचे।

3. राष्ट्रकूट

  • अरब इन्हें बल्लहारा कहते थे। 743 ई. में दक्कन में सत्ता में आए; राजधानी मान्यखेत/मनकिर (आज का मालखेड़, शोलापुर के पास)।
  • संस्कृत और अरबी स्रोतों में लगभग दो सदियों तक भारत की सर्वोच्च शक्ति; अरब इन्हें "अल-हिंद के राजाओं का राजा" कहते थे। समृद्धि का कारण: भौगोलिक स्थिति और समुद्री व्यापार।
शासकमुख्य बातें
दंतिदुर्गपहला महत्वपूर्ण राजा; नंदीपुरी (भड़ौच के पास) के गुर्जरों और मालवा के प्रतिहारों को हराया
कृष्ण प्रथम (758–773)हैदराबाद और मैसूर तक विस्तार; एलोरा का कैलाश मंदिर
ध्रुव (779–793)उत्तर में विस्तार; वत्सराज और धर्मपाल को हराया; प्रतीक में गंगा-यमुना जोड़े
गोविंद तृतीय (793–814)नागभट्ट द्वितीय को हराया; हिमालय, प्रयाग, बनारस, गया तक पहुँचा
अमोघवर्ष (814 से)13 वर्ष की आयु में राजा; कविराजमार्ग (कन्नड़); जैन और हिंदू विद्वानों को आश्रय; तुंगभद्रा में जल-समाधि
इंद्र तृतीयप्रतिहार महीपाल से युद्ध
कृष्ण तृतीयकांची, तंजावुर पर अधिकार; चोलों को हराया; रामेश्वरम में विजय स्तंभ

राष्ट्रकूट शैव, वैष्णव, शाक्त संप्रदायों के साथ जैन धर्म के भी उपासक थे।

4. राज्य व्यवस्था का स्वरूप

  • ये राज्य केंद्रीकृत राजतंत्र नहीं थे; चक्रवर्ती के आदर्श पर चलते थे। अधीन सरदार आंतरिक मामलों में स्वतंत्र थे और ज़रूरत पर सैन्य सहायता देते थे। छोटे सरदारों (सामंतों) की संख्या बहुत बढ़ी।
  • राजा की सहायता मंत्री करते थे। सेना में पैदल, घुड़सवार और बड़ी संख्या में हाथी; घोड़े अरब और पश्चिम एशिया से आयात होते थे; राष्ट्रकूटों के पास नौ-सैनिक दस्ते भी थे।
इकाईप्रमुख
भुक्ति (प्रांत); राष्ट्रकूट क्षेत्र में "राष्ट्र"उपरिक
मंडल या विषय (ज़िला)विषयपति
पट्टल (विषय से छोटी)(जानकारी सीमित)
ग्राम (सबसे छोटी इकाई)ग्राम प्रमुख और लेखाकार, बुज़ुर्गों और समितियों की सहायता से
परीक्षा के लिए याद रखें: अल-जुर्ज़ = प्रतिहार | बल्लहारा = राष्ट्रकूट | "धर्म का राज्य" = धर्मपाल | आदि वराह = भोज | ध्रुव = त्रिकोणीय संघर्ष की शुरुआत + गंगा-यमुना प्रतीक | कृष्ण प्रथम = कैलाश मंदिर | अमोघवर्ष = कविराजमार्ग | कृष्ण तृतीय = रामेश्वरम विजय स्तंभ | खालिमपुर = धर्मपाल | उपरिक = प्रांत प्रमुख, विषयपति = ज़िला प्रमुख।

अभ्यास MCQ (Hindi + English)

प्रश्न 1. हर्ष के बाद त्रिपक्षीय संघर्ष मुख्य रूप से किस नगर पर अधिकार के लिए हुआ?Q1. After Harsha, the tripartite struggle was mainly for control over which city?

  1. (A) पाटलिपुत्र / Pataliputra
  2. (B) कन्नौज / Kannauj
  3. (C) उज्जैन / Ujjain
  4. (D) दिल्ली / Delhi
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उत्तर / Answer: (B) कन्नौज / Kannauj
संघर्ष के तीन पक्ष: गुर्जर प्रतिहार, पाल और राष्ट्रकूट।

प्रश्न 2. अरब लेखक गुर्जर प्रतिहारों को किस नाम से बुलाते थे?Q2. By what name did Arab writers refer to the Gurjara-Pratiharas?

  1. (A) अल-जुर्ज़ / Al-Jurz
  2. (B) बल्लहारा / Ballahara
  3. (C) रहमा / Rahma
  4. (D) अल-हिंद / Al-Hind
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उत्तर / Answer: (A) अल-जुर्ज़ / Al-Jurz

प्रश्न 3. अरब लेखक राष्ट्रकूटों को किस नाम से जानते थे?Q3. By what name did the Arabs know the Rashtrakutas?

  1. (A) अल-जुर्ज़ / Al-Jurz
  2. (B) बल्लहारा / Ballahara
  3. (C) ताक़ / Taq
  4. (D) कामरून / Kamrun
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उत्तर / Answer: (B) बल्लहारा / Ballahara
अरब यात्री राष्ट्रकूट शासक को "अल-हिंद के राजाओं का राजा (मलिक-अल-मुलुक)" कहते थे।

प्रश्न 4. अरब लेखकों द्वारा पाल राज्य को दिया गया नाम "धर्म का राज्य" किस राजा के नाम पर है?Q4. The Arab name "Dharma's kingdom" for the Pala kingdom was after which king?

  1. (A) गोपाल / Gopala
  2. (B) धर्मपाल / Dharmapala
  3. (C) देवपाल / Devapala
  4. (D) महीपाल / Mahipala
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उत्तर / Answer: (B) धर्मपाल / Dharmapala
धर्मपाल का शासन: 780–815 ई.।

प्रश्न 5. परंपरा के अनुसार अग्निकुल राजपूतों की उत्पत्ति का यज्ञ कहाँ आयोजित हुआ था?Q5. According to tradition, the fire-sacrifice for the origin of the Agnikula Rajputs took place at:

  1. (A) माउंट आबू / Mount Abu
  2. (B) पुष्कर / Pushkar
  3. (C) उज्जैन / Ujjain
  4. (D) चित्तौड़ / Chittor
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उत्तर / Answer: (A) माउंट आबू / Mount Abu
गुर्जर प्रतिहार भी अग्निकुल राजपूतों में गिने गए।

प्रश्न 6. गुर्जर प्रतिहारों ने अपना शासन कहाँ से आरंभ किया?Q6. Where did the Gurjara-Pratiharas begin their rule?

  1. (A) भीलमाल (माउंट आबू के पास) / Bhinmal (near Mount Abu)
  2. (B) कन्नौज / Kannauj
  3. (C) मंडोर / Mandore
  4. (D) ग्वालियर / Gwalior
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उत्तर / Answer: (A) भीलमाल (माउंट आबू के पास) / Bhinmal (near Mount Abu)
बाद में उन्होंने कन्नौज को अपनी राजधानी बनाया।

प्रश्न 7. दसवीं सदी के दूसरे दशक में प्रतिहार साम्राज्य की शक्ति का सजीव वर्णन किस अरब यात्री ने किया?Q7. Which Arab traveller vividly described the power of the Pratihara empire in the second decade of the 10th century?

  1. (A) सुलेमान / Sulaiman
  2. (B) मसूदी / Masudi
  3. (C) अल-बेरूनी / Al-Biruni
  4. (D) इब्न बतूता / Ibn Battuta
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उत्तर / Answer: (B) मसूदी / Masudi
मसूदी के अनुसार कन्नौज के राजा की चार सेनाएँ थीं और राज्य में 18 लाख नगर, गाँव या किले थे।

प्रश्न 8. किस प्रतिहार राजा ने विष्णु के सम्मान में "आदि वराह" उपाधि ग्रहण की?Q8. Which Pratihara king took the title "Adi Varaha" in honour of Vishnu?

  1. (A) नागभट्ट प्रथम / Nagabhata I
  2. (B) वत्सराज / Vatsaraja
  3. (C) भोज / Bhoja
  4. (D) महेंद्रपाल / Mahendrapala
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उत्तर / Answer: (C) भोज / Bhoja
भोज ने 836 ई. में सिंहासन ग्रहण किया।

प्रश्न 9. किस प्रतिहार राजा (885–910 ई.) ने मगध और उत्तरी बंगाल को साम्राज्य में मिलाया?Q9. Which Pratihara king (885–910 CE) added Magadha and north Bengal to the empire?

  1. (A) भोज / Bhoja
  2. (B) महेंद्रपाल / Mahendrapala
  3. (C) महीपाल / Mahipala
  4. (D) नागभट्ट द्वितीय / Nagabhata II
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उत्तर / Answer: (B) महेंद्रपाल / Mahendrapala

प्रश्न 10. किस राष्ट्रकूट राजा के उत्तर भारत आने से त्रिकोणीय संघर्ष की शुरुआत हुई?Q10. The arrival of which Rashtrakuta king in North India began the tripartite struggle?

  1. (A) दंतिदुर्ग / Dantidurga
  2. (B) ध्रुव / Dhruva
  3. (C) अमोघवर्ष / Amoghavarsha
  4. (D) कृष्ण तृतीय / Krishna III
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उत्तर / Answer: (B) ध्रुव / Dhruva
ध्रुव ने प्रतिहार वत्सराज और पाल धर्मपाल दोनों को हराया।

प्रश्न 11. किस राष्ट्रकूट राजा ने राष्ट्रकूट प्रतीक में गंगा और यमुना के प्रतीकों को शामिल किया?Q11. Which Rashtrakuta king added the symbols of the Ganga and Yamuna to the Rashtrakuta emblem?

  1. (A) ध्रुव / Dhruva
  2. (B) गोविंद तृतीय / Govinda III
  3. (C) कृष्ण प्रथम / Krishna I
  4. (D) इंद्र तृतीय / Indra III
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उत्तर / Answer: (A) ध्रुव / Dhruva
उत्तर की दो प्रमुख शक्तियों पर विजय के उपलक्ष्य में।

प्रश्न 12. राष्ट्रकूट वंश का पहला महत्वपूर्ण राजा कौन था?Q12. Who was the first important king of the Rashtrakuta dynasty?

  1. (A) दंतिदुर्ग / Dantidurga
  2. (B) कृष्ण प्रथम / Krishna I
  3. (C) ध्रुव / Dhruva
  4. (D) अमोघवर्ष / Amoghavarsha
उत्तर देखें / Show Answer

उत्तर / Answer: (A) दंतिदुर्ग / Dantidurga
राष्ट्रकूट 743 ई. में दक्कन में सत्ता में आए।

प्रश्न 13. एलोरा के कैलाश मंदिर के लिए कौन-सा राष्ट्रकूट राजा सबसे अधिक जाना जाता है?Q13. Which Rashtrakuta king is best known for the Kailash temple at Ellora?

  1. (A) कृष्ण प्रथम / Krishna I
  2. (B) अमोघवर्ष / Amoghavarsha
  3. (C) गोविंद तृतीय / Govinda III
  4. (D) दंतिदुर्ग / Dantidurga
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उत्तर / Answer: (A) कृष्ण प्रथम / Krishna I
कृष्ण प्रथम (758–773) दंतिदुर्ग के चाचा और उत्तराधिकारी थे।

प्रश्न 14. राष्ट्रकूटों की राजधानी मान्यखेत (मनकिर) आज किस नाम से जानी जाती है?Q14. The Rashtrakuta capital Manyakheta (Mankir) is known today as:

  1. (A) मालखेड़ (शोलापुर के पास) / Malkhed (near Sholapur)
  2. (B) बादामी / Badami
  3. (C) एलोरा / Ellora
  4. (D) कल्याणी / Kalyani
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उत्तर / Answer: (A) मालखेड़ (शोलापुर के पास) / Malkhed (near Sholapur)

प्रश्न 15. कन्नड़ साहित्य की प्रारंभिक रचना "कविराजमार्ग" किस राष्ट्रकूट राजा ने लिखी?Q15. Which Rashtrakuta king wrote "Kavirajamarga", an early work of Kannada literature?

  1. (A) अमोघवर्ष / Amoghavarsha
  2. (B) कृष्ण द्वितीय / Krishna II
  3. (C) इंद्र तृतीय / Indra III
  4. (D) ध्रुव / Dhruva
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उत्तर / Answer: (A) अमोघवर्ष / Amoghavarsha
अमोघवर्ष 814 ई. में तेरह वर्ष की आयु में राजा बना, लगभग आधी सदी शासन किया और तुंगभद्रा में जल-समाधि ली।

प्रश्न 16. किस राष्ट्रकूट राजा ने चोलों को हराकर रामेश्वरम में विजय स्तंभ स्थापित किया?Q16. Which Rashtrakuta king defeated the Cholas and set up a victory pillar at Rameshwaram?

  1. (A) कृष्ण तृतीय / Krishna III
  2. (B) गोविंद तृतीय / Govinda III
  3. (C) अमोघवर्ष / Amoghavarsha
  4. (D) दंतिदुर्ग / Dantidurga
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उत्तर / Answer: (A) कृष्ण तृतीय / Krishna III
उसने अपने जीजा की सहायता से कांची और तंजावुर पर भी अधिकार किया।

प्रश्न 17. गोविंद तृतीय (793–814 ई.) ने किस प्रतिहार राजा को पराजित किया?Q17. Govinda III (793–814 CE) defeated which Pratihara king?

  1. (A) नागभट्ट द्वितीय / Nagabhata II
  2. (B) भोज / Bhoja
  3. (C) वत्सराज / Vatsaraja
  4. (D) महीपाल / Mahipala
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उत्तर / Answer: (A) नागभट्ट द्वितीय / Nagabhata II
कहा जाता है कि गोविंद तृतीय हिमालय तक पहुँचा और प्रयाग, बनारस और गया भी गया।

प्रश्न 18. धर्मपाल के शासन की महत्वपूर्ण जानकारी किस ताम्रपत्र अभिलेख से मिलती है?Q18. Important information on Dharmapala's reign comes from which copper-plate inscription?

  1. (A) खालिमपुर ताम्रपत्र / Khalimpur copper plate
  2. (B) नालंदा ताम्रपत्र / Nalanda copper plate
  3. (C) ऐहोल अभिलेख / Aihole inscription
  4. (D) ग्वालियर अभिलेख / Gwalior inscription
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उत्तर / Answer: (A) खालिमपुर ताम्रपत्र / Khalimpur copper plate

प्रश्न 19. पाल काल में किस साहित्यिक शैली का विकास हुआ?Q19. Which literary style developed during the Pala period?

  1. (A) गौड़ी रीति / Gaudi Riti
  2. (B) वैदर्भी रीति / Vaidarbhi Riti
  3. (C) पांचाली रीति / Panchali Riti
  4. (D) लाटी रीति / Lati Riti
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उत्तर / Answer: (A) गौड़ी रीति / Gaudi Riti

प्रश्न 20. पाल शासित क्षेत्र का कौन-सा विश्वविद्यालय अनेक तिब्बती भिक्षुओं को आकर्षित करता था?Q20. Which university in the Pala territory attracted many Tibetan monks?

  1. (A) विक्रमशिला / Vikramashila
  2. (B) तक्षशिला / Taxila
  3. (C) वल्लभी / Valabhi
  4. (D) कांची / Kanchi
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उत्तर / Answer: (A) विक्रमशिला / Vikramashila
पाल क्षेत्र के प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षुओं में दीपंकर का नाम आता है। महायान बौद्ध धर्म बंगाल से तिब्बत और दक्षिण-पूर्व एशिया पहुँचा।

प्रश्न 21. इस काल की प्रशासनिक व्यवस्था में प्रांत (भुक्ति) के प्रमुख को क्या कहते थे?Q21. In this period's administration, the head of a province (Bhukti) was called:

  1. (A) उपरिक / Uparika
  2. (B) विषयपति / Vishayapati
  3. (C) सामंत / Samanta
  4. (D) ग्रामिक / Gramika
उत्तर देखें / Show Answer

उत्तर / Answer: (A) उपरिक / Uparika
ज़िला (मंडल या विषय) प्रमुख = विषयपति; विषय से छोटी इकाई = पट्टल; सबसे छोटी इकाई = ग्राम।

प्रश्न 22. राष्ट्रकूट क्षेत्र में प्रांत (भुक्ति) को क्या कहा जाता था?Q22. In the Rashtrakuta territory, a province (Bhukti) was called:

  1. (A) राष्ट्र / Rashtra
  2. (B) मंडल / Mandala
  3. (C) पट्टल / Pattala
  4. (D) नाडु / Nadu
उत्तर देखें / Show Answer

उत्तर / Answer: (A) राष्ट्र / Rashtra

अगला अध्याय: अध्याय 3, इस्लामी जगत। पिछला अध्याय: अध्याय 1, मध्यकालीन भारतीय इतिहास का पुनर्निर्माण।
ये notes मूल पुस्तक का सार हैं। पूरी पुस्तक अपने विद्यालय पुस्तकालय या अधिकृत विक्रेता से लें।

— Kuldeep Singh Rathore, PGT History
History by Rathore Sir

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